Wednesday, August 11, 2010

शब्दों में संवाद कर सकती है कविता

कविता हरहरा उठेगी ।
रक्त से संवाद कर सकती है कविता
कविता फडफड़ा उठेगी ।
हर्ष ओ्य विषाद से संवाद कर सकती है
कविता हड़बड़ा उठेगी ।
जल ओ्य नदी से संवाद कर सकती है कविता
कविता गुनगुना उठेगी ।
सच, कविता के लिए
मेरे पास
और भी बहुत कुछ है
जैसे मैं
मैं से संवाद कर सकती है कविता
कविता चहचहा उठेगी
कविता बड़बड़ा उठेगी
सच ओ्य झूठ का उत्स बता सकेगी ।
सच, एकदम सच !
कविता के लिए
मेरे पास
और, और बहुत कुछ है
जैसे तुम
तुमसे टकरा सकती है कविता
कविता दनदना उठेगी

2 comments:

  1. सचमुच कविता अभी जिंदा है।

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  2. कविता पढ कर मजा आ गया, पूणः लय मे है

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