अक्षर—अक्षर में

Monday, August 31, 2015


Posted by प्रोफेसर मोहन सपरा at 12:05 AM No comments:
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Prof Mohan Sapra

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प्रोफेसर मोहन सपरा
अमृतसर (पंजाब) में जन्मे (1942), 1946 से 1964 तक सिरसा (हरियाणा) में शिक्षित हुए और नकोदर-जालंधर (पंजाब) में ब्यालीस व दिल्ली में लगभग तीन साल का लंबा अरसा व्यतीत करने के बाद अब जालंधर में स्थाई तौर पर निवास। अध्यापन, लेखन और मुद्रण के त्रिकोण में घिरे जीवन के पचास वर्ष बिता दिए। पर संघर्ष से निजात फिर भी नहीं। जिंदगी के लगभग हर मोर्चे पर सक्रिय और संघर्षशील। लेखन ने सदैव जूझने का बल दिया और परिवार ने सहयोग। कविता, केवल कविता लिखने में रुचि। email- profmohansapra@gmail.com
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